बच्चों और किशोरों को हिंदी साहित्य से जोड़ने की पहल, नेशनल बुक ट्रस्ट ने शुरू की दो नई पुस्तक श्रृंखलाएँ
बच्चों और किशोरों में हिंदी साहित्य के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) ने दो नई पुस्तक श्रृंखलाओं की शुरुआत की है। इन श्रृंखलाओं का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय साहित्य की श्रेष्ठ रचनाओं से सरल, रोचक और आकर्षक तरीके से परिचित कराना है।
नई श्रृंखलाओं में 'आधुनिक कालजयी बाल कहानियाँ' (8 से 12 वर्ष के बच्चों के लिए) तथा 'किशोरों के लिए भारतीय कथा-साहित्य' (किशोर पाठकों के लिए) शामिल हैं। इन पुस्तकों में रंगीन चित्रों और आकर्षक डिज़ाइन के साथ हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकारों की चुनिंदा रचनाएँ प्रकाशित की गई हैं, ताकि बच्चों और युवाओं में पढ़ने की आदत विकसित हो सके।
इस पहल के तहत मुंशी प्रेमचंद, मन्नू भंडारी, फणीश्वरनाथ रेणु, नरेंद्र कोहली, सुभद्रा कुमारी चौहान, विष्णु प्रभाकर, मोहन राकेश, अमृतलाल नागर, हज़ारी प्रसाद द्विवेदी सहित अनेक प्रतिष्ठित साहित्यकारों की रचनाओं को शामिल किया गया है। इन कहानियों के माध्यम से बच्चों और किशोरों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक संवेदनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
नेशनल बुक ट्रस्ट का कहना है कि यह पहल केवल हिंदी तक सीमित नहीं रहेगी। इन श्रृंखलाओं का प्रकाशन असमिया, बंगाली, मराठी, ओड़िया, पंजाबी, तमिल समेत कई भारतीय भाषाओं में भी किया जाएगा, ताकि देशभर के अधिक से अधिक युवा भारतीय साहित्य की समृद्ध परंपरा से परिचित हो सकें।
— संवाददाता: रुचिका धोटे, भोपाल
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