मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार सोमवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में राज्य मंत्रियों के स्वेच्छानुदान की राशि बढ़ाने को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है। वर्तमान में राज्य मंत्रियों को दो करोड़ रुपये तक का स्वेच्छानुदान खर्च करने की अनुमति है, जिसे बढ़ाकर तीन करोड़ रुपये किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव का उद्देश्य मंत्रियों को अपने प्रभार वाले क्षेत्रों में विकास और जनहित से जुड़े कार्यों के लिए अधिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि बढ़ी हुई राशि से स्थानीय स्तर पर जरूरतमंदों की मदद और छोटे विकास कार्यों को तेजी से पूरा किया जा सकेगा।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होगी। बैठक में कई अन्य प्रशासनिक और विकास से जुड़े प्रस्तावों पर भी मुहर लग सकती है।
विपक्ष ने इस प्रस्ताव को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार को पहले प्रदेश की बुनियादी समस्याओं और जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। वहीं सरकार के समर्थकों का कहना है कि स्वेच्छानुदान बढ़ने से क्षेत्रीय विकास कार्यों को गति मिलेगी और जनता को सीधे लाभ पहुंचेगा।
यदि कैबिनेट इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो प्रदेश के राज्य मंत्रियों के अधिकार और आर्थिक संसाधनों में बड़ा इजाफा माना जाएगा।
संवाददाता: रुचिका धोटे, भोपाल
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