इस नई व्यवस्था के तहत कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर की मदद से सरकारी पोर्टल पर जाकर अपने मकान, परिवार के सदस्यों, शिक्षा, रोजगार और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज कर सकता है। इससे जनगणना प्रक्रिया को अधिक तेज, पारदर्शी और डिजिटल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, 1 मई से जनगणना का दूसरा चरण शुरू होगा, जिसमें प्रगणक (Enumerator) घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। जो लोग स्वगणना के दौरान अपनी जानकारी नहीं भर पाएंगे, उनकी जानकारी प्रगणक द्वारा ही दर्ज की जाएगी।
इस अभियान की शुरुआत में जनगणना से जुड़े अधिकारियों ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर प्रक्रिया की जानकारी दी और स्वगणना को बढ़ावा देने की अपील की।
सरकार का कहना है कि इस बार जनगणना को पूरी तरह आधुनिक और डिजिटल स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे डेटा संग्रहण में पारदर्शिता और सटीकता बढ़ेगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे समय रहते स्वगणना प्रक्रिया में भाग लें और सही जानकारी प्रदान करें।
संवाददाता रुचिका धोटे, भोपाल

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