कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने सरकार को घेरते हुए लोकसभा की संभावित सीटों की संख्या 850 तय किए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर स्पष्ट जानकारी देने में असफल रही है और बहस के दौरान वही बातें बार-बार दोहराई जा रही हैं, जिससे विधेयकों की मंशा और प्रावधानों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
वहीं समाजवादी पार्टी के प्रमुख Akhilesh Yadav ने महिला आरक्षण के दायरे को और व्यापक बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इसमें मुस्लिम महिलाओं के लिए भी अलग से आरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि सभी वर्गों को समान प्रतिनिधित्व मिल सके।
सत्र के दौरान भारतीय जनता पार्टी के सांसद Tejasvi Surya ने भी सरकार का पक्ष रखते हुए विधेयकों का समर्थन किया और इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
तीनों विधेयकों पर चर्चा पूरी होने के बाद अब शुक्रवार को लोकसभा में मतदान होना तय है। इस मतदान के परिणाम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह फैसला देश की राजनीति और महिला प्रतिनिधित्व के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।
संवाददाता रुचिका धोटे, भोपाल

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