MP में हर साल 150 से ज्यादा दिन मौसम खराब: सीएसई रिपोर्ट में दावा-2025 में 537 मौतें हुईं; यह राजस्थान और यूपी से भी ज्यादा
भोपाल। मध्य प्रदेश में बीते वर्ष 2025 के दौरान मौसम से जुड़ी घटनाओं ने गंभीर हालात पैदा किए। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (CSE) की वर्ष 2026 में जारी ‘स्टेट ऑफ इंडियाज एनवायरमेंट’ रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 150 से अधिक दिन किसी न किसी रूप में खराब या एक्सट्रीम वेदर की स्थिति रही। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि साल 2025 में मौसम संबंधी घटनाओं के कारण 537 लोगों की मौत हुई, जो राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों से भी अधिक है।
रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में आंधी-तूफान, भारी बारिश, बिजली गिरना, लू और बाढ़ जैसी घटनाएं लगातार सामने आईं। हालांकि एक्सट्रीम वेदर वाले दिनों की कुल संख्या में मामूली कमी दर्ज की गई, लेकिन इन घटनाओं की तीव्रता और प्रभाव अधिक घातक रहा। ग्रामीण इलाकों में बिजली गिरने और बाढ़ की घटनाओं ने सबसे ज्यादा जानें लीं, जबकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव और तेज आंधी से जनजीवन प्रभावित हुआ।
विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का पैटर्न तेजी से बदल रहा है। पहले जहां सीमित अवधि में मौसम की मार झेलनी पड़ती थी, वहीं अब साल के आधे से ज्यादा दिन किसी न किसी रूप में असामान्य मौसम देखने को मिल रहा है। इसका असर कृषि, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना पर भी पड़ा है। कई जिलों में फसलों को नुकसान हुआ, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रदेश में आपदा प्रबंधन तंत्र को और मजबूत करने की आवश्यकता है। समय रहते चेतावनी प्रणाली, राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाकर जानमाल के नुकसान को कम किया जा सकता है। विशेषज्ञों ने शहरी नियोजन, जल निकासी व्यवस्था और हरित क्षेत्र बढ़ाने पर जोर दिया है, ताकि भविष्य में मौसम की मार से होने वाले नुकसान को सीमित किया जा सके।
प्रदेश सरकार का कहना है कि आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों को लेकर लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेताया है कि यदि जलवायु परिवर्तन पर प्रभावी नियंत्रण और स्थानीय स्तर पर ठोस रणनीति नहीं बनाई गई, तो आने वाले वर्षों में ऐसे हालात और गंभीर हो सकते हैं।
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