ईरान जंग पर विपक्ष का दोनों सदनों में हंगामा: चर्चा की मांग; सरकार बोली- स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर बहस के लिए तैयार
संसद के बजट सत्र के दूसरे फेज के पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा में अमेरिकी-इजराइल और ईरान जंग पर जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी दलों ने जंग के बाद पश्चिम एशिया में बने हालात पर चर्चा की मांग की। इस दौरान सदन में विपक्ष के नेताओं ने सरकार से स्थिति पर विस्तृत बयान देने की अपील की।
विपक्ष के हंगामे के बीच विदेश मंत्री ने पहले राज्यसभा में और फिर लोकसभा में ग्लफ क्षेत्र की स्थिति पर बयान दिया। उन्होंने ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और इसके वैश्विक प्रभावों पर प्रकाश डाला। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत इस मामले में संतुलित दृष्टिकोण अपनाएगा और शांति की अपील करेगा।
सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि वह स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर बहस के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष की मांग पर संसद में ईरान जंग पर विस्तृत चर्चा कराने के लिए समय आवंटित किया जाएगा। सरकार ने विपक्ष को आश्वस्त किया कि सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का अवसर दिया जाएगा।
इस हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। बाद में स्पीकर ने सभी दलों से शांति बनाए रखने और चर्चा में सहयोग करने की अपील की। विपक्ष ने दोहराया कि ईरान-इजराइल संघर्ष पर चर्चा जरूरी है ताकि भारत अपनी विदेश नीति को सही दिशा दे सके।
समाचार एजेंसियों के अनुसार, इस मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा आगे भी जारी रह सकता है, क्योंकि कई विपक्षी नेता ईरान जंग के प्रभावों पर सरकार से जवाबदेही मांग रहे हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि वह सभी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए उचित कदम उठाएगी और संसद में खुली चर्चा को प्रोत्साहित करेगी।
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