धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि मई महीने में वे बद्रीनाथ के बर्फीले पहाड़ों के बीच एकांत में साधना करेंगे। इस अवधि में वे किसी भी तरह के कार्यक्रम, कथा या जनसंपर्क में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि यह साधना उनकी आध्यात्मिक यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और वे पूरी एकाग्रता के साथ इसे करना चाहते हैं।
इससे एक दिन पहले धीरेंद्र शास्त्री का एक और बयान चर्चा में रहा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके साथ जुड़े कुछ सेवादार गलत कारणों से संगठन से जुड़ते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कुछ लोग “लौंडियाबाजी” जैसे गलत कामों के चक्कर में जुड़ते हैं, ऐसे लोगों को तुरंत संगठन से बाहर कर दिया जाएगा। उनका कहना था कि बागेश्वर धाम से जुड़ा हर व्यक्ति अनुशासन और मर्यादा का पालन करे।
गौरतलब है कि Bageshwar Dham Sarkar के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री देशभर में अपने धार्मिक कार्यक्रमों और कथाओं को लेकर चर्चा में रहते हैं। उनके कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। अब उनकी 21 दिन की साधना यात्रा को लेकर भी समर्थकों और श्रद्धालुओं के बीच काफी चर्चा हो रही है।
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