अमरकंटक में नक्सलियों का नेशनल हेडक्वार्टर बनाने की साजिश नाकाम,42 दिन में सरेंडर की चेतावनी, सुरक्षा बलों की सख्ती से घिरे नक्सली
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले स्थित अमरकंटक क्षेत्र में नक्सलियों की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। जानकारी के अनुसार, नक्सली संगठन यहां अपना “नेशनल हेडक्वार्टर” स्थापित करने की योजना बना रहे थे। यह इलाका घने जंगलों और छत्तीसगढ़ की सीमा के पास होने के कारण उनके लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा था।
सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिलने के बाद पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने संयुक्त अभियान चलाकर इलाके में सघन घेराबंदी शुरू की। लगातार सर्च ऑपरेशन और दबाव के कारण नक्सलियों की गतिविधियों पर लगाम लगी है। बताया जा रहा है कि नक्सली यहां ठिकाने बनाकर लंबे समय तक सक्रिय रहने की तैयारी में थे, लेकिन सुरक्षा बलों की तत्परता से उनकी योजना पर पानी फिर गया।
अभियान के दौरान नक्सलियों को चारों ओर से घेर लिया गया, जिससे उनकी सप्लाई लाइन—खाना, पानी और जरूरी सामान—प्रभावित हो गई। सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने नक्सलियों को 42 दिनों के भीतर सरेंडर करने की चेतावनी दी है। चेतावनी में यह भी कहा गया है कि अगर वे आत्मसमर्पण नहीं करते, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे ऑपरेशन में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अधिकारियों का कहना है कि अमरकंटक क्षेत्र को नक्सल प्रभाव से मुक्त कराने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और नक्सलियों के बहकावे में न आएं। सरकार द्वारा सरेंडर करने वाले नक्सलियों के लिए पुनर्वास और सहायता योजनाएं भी चलाई जा रही हैं, ताकि वे मुख्यधारा में लौट सकें।
संवाददाता रुचिका धोटे, भोपाल
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