ब्यावरा। ग्राम पगारी बंगला उस समय देशभक्ति और गौरव की भावना से सराबोर हो उठा, जब राजपूत रेजीमेंट के वीर सपूत हवलदार शिवराज सिंह राजपूत के सेवानिवृत्ति उपरांत गृह आगमन पर ग्रामीणों ने उनका ऐतिहासिक एवं भव्य स्वागत किया। पुष्पवर्षा, साफा-पगड़ी एवं माल्यार्पण के साथ पूरे गांव ने अपने वीर पुत्र का अभिनंदन किया। अभिनंदन के वातावरण ने समारोह को अविस्मरणीय बना दिया।
समारोह में महाराज भगवान सिंह, महाराज बजरंग सिंह, महाराज गोपाल सिंह ऊमठ, पूर्व सरपंच अशोकपाल सिंह, पूर्व सरपंच बरवा कन्हैयालाल दांगी, राव भूपेंद्र सिंह प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना मध्य प्रदेश, भूपेंद्र सिंह सोनगरा अध्यक्ष करणी सेना नरसिंहगढ़, सरपंच सुरेश दांगी सहित अनेक गणमान्यजन एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे वीर सैनिकों के त्याग, अनुशासन और समर्पण के कारण ही देश की सीमाएं सुरक्षित हैं और नागरिक निर्भय जीवन व्यतीत कर पा रहे हैं।
13 वर्षों की गौरवपूर्ण सैन्य यात्रा
हवलदार शिवराज सिंह राजपूत ने 24 सितंबर 2009 को Indian Army में फतेहगढ़ स्थित Rajput Regimental Centre से भर्ती होकर सैन्य जीवन की शुरुआत की। लगभग 13 वर्षों की सेवा के बाद 28 फरवरी 2026 को वे हवलदार पद से सेवानिवृत्त हुए। ऑटोमैटिक गनर के रूप में उन्होंने विभिन्न संवेदनशील मोर्चों पर तैनात रहकर अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया।
वर्ष 2014–15 में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के अंतर्गत उन्हें अफ्रीकी देश Democratic Republic of the Congo भेजा गया। वहां उन्होंने शांति स्थापना अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए भारत की सैन्य प्रतिष्ठा को वैश्विक स्तर पर सुदृढ़ किया और विदेशी धरती पर भारतीय सैनिकों की वीरता का परचम लहराया।
जम्मू-कश्मीर एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनाती
उनकी अधिकांश सेवा जम्मू कश्मीर के संवेदनशील क्षेत्रों— पुलवामा , कारगिल एवं लेह लद्दाख में रही। आतंकवाद-रोधी अभियानों के दौरान उन्होंने जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों का साहसपूर्वक निर्वहन किया।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पंजाब में पाकिस्तान सीमा पर भी उनकी तैनाती रही, जहां ड्रोन गतिविधियों पर नजर रखने में उनकी बटालियन पूरी सतर्कता के साथ डटी रही।
हवलदार शिवराज सिंह राजपूत शाजापुर जिले के रूपपुरा गांव के निवासी हैं। उनके गांव परिवार के अन्य सदस्य भी वर्तमान में भारतीय सेना में सेवारत हैं, जिससे उनके परिवार की राष्ट्रसेवा की परंपरा और भी गौरवशाली बनती है।
समारोह के दौरान युवाओं को सेना में भर्ती होकर देशसेवा के लिए प्रेरित करने का संदेश भी दिया गया। ग्राम पगारी बंगला के लिए यह क्षण गर्व, सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत ऐतिहासिक अवसर के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगा।
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