सुप्रीम कोर्ट का विवादित NCERT चैप्टर पर कम्प्लीट बैन: कहा- सभी किताबें वापस लें, यह ज्यूडिशियरी को बदनाम करने की सोची-समझी साजिश
सुप्रीम कोर्ट ने NCERT के विवादित 'ज्यूडीशियल करप्शन' चैप्टर पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने शिक्षा मंत्रालय से सभी संबंधित किताबें वापस लेने को कहा है। इस मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें शिक्षा मंत्रालय ने बिना शर्त माफी मांगी।
चीफ जस्टिस सूयकांत ने कहा कि यह ज्यूडिशियरी को बदनाम करने की एक गहरी, सोची-समझी साजिश लगती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में जवाबदेही तय होगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। कोर्ट ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के संकेत दिए।
NCERT के इस चैप्टर को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था, जिसमें ज्यूडिशियल सिस्टम पर सवाल उठाए गए थे। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला शिक्षा जगत में एक बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। सरकार को अब इस मामले में अपनी नीतियों की समीक्षा करनी होगी और आवश्यक कदम उठाने होंगे।
शिक्षा मंत्रालय ने माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसी विवादित सामग्री को पाठ्यक्रम से हटाने का आश्वासन दिया है। कोर्ट ने मंत्रालय से इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है। यह फैसला ज्यूडिशियरी की प्रतिष्ठा और न्याय प्रणाली की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस फैसले के बाद NCERT को अपने पाठ्यक्रम में बदलाव करने होंगे और विवादित सामग्री को हटाना होगा। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और न्यायिक सम्मान को बढ़ावा देने के लिए देखा जा रहा है। जनता में भी इस फैसले का सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
भविष्य में इस तरह के विवादों से बचने के लिए शिक्षा प्रणाली में सख्त निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण की आवश्यकता है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से शिक्षा मंत्रालय और NCERT को अपने कार्यों की समीक्षा करने का मौका मिलेगा। इससे देश की शिक्षा प्रणाली में सुधार और न्यायिक प्रणाली की सुरक्षा में मदद मिलेगी।
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