ससुर का 'वचन', साले की 'गवाही' और जज की 'शायरी': इंदौर कोर्ट में 20 लाख में खत्म हुआ पति-पत्नी के बीच का विवाद


 इंदौर। चार साल से पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद का आखिरकार इंदौर फैमिली कोर्ट में अनोखे अंदाज़ में पटाक्षेप हो गया। आरोप-प्रत्यारोप, गहनों के झगड़े और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों से शुरू हुआ मामला धीरे-धीरे अदालत तक पहुंचा। सुनवाई के दौरान ससुर के ‘वचन’, साले की ‘गवाही’ और जज की भावुक ‘शायरी’ ने पूरे घटनाक्रम को अलग मोड़ दे दिया। अंततः दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से 20 लाख रुपए के समझौते पर विवाद समाप्त कर दिया।

गहनों के विवाद से बढ़ा मामला

जानकारी के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच रिश्तों में खटास आ गई। पत्नी की ओर से गहनों और खर्चों को लेकर आरोप लगाए गए, वहीं पति पक्ष ने भी प्रताड़ना और झूठे आरोपों की बात कही। विवाद इतना बढ़ा कि मामला पुलिस और फिर अदालत तक पहुंच गया। पिछले चार वर्षों से यह प्रकरण कोर्ट में लंबित था।

ससुर का ‘वचन’ बना निर्णायक मोड़
सुनवाई के दौरान पत्नी के पिता ने अदालत में आश्वासन दिया कि वे बेटी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि अब इस रिश्ते को खींचना दोनों परिवारों के लिए ठीक नहीं है। उनका यह ‘वचन’ अदालत की कार्यवाही में अहम साबित हुआ।
साले की ‘गवाही’ और जज की ‘शायरी’
मामले में पत्नी के भाई की गवाही भी महत्वपूर्ण रही। उसने परिवार की परिस्थितियों और दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव की जानकारी कोर्ट के सामने रखी। इसी दौरान जज ने रिश्तों की नाजुकता पर एक शायरी सुनाई, जिसमें आपसी सम्मान और समझ की अहमियत का जिक्र था। कोर्ट का यह मानवीय दृष्टिकोण दोनों पक्षों को समझौते की ओर ले जाने में सहायक बना।
20 लाख में हुआ समझौता
लंबी चर्चा और काउंसलिंग के बाद पति-पत्नी ने आपसी सहमति से 20 लाख रुपए के सेटलमेंट पर सहमति जताई। इस राशि के भुगतान के साथ ही दोनों ने वैवाहिक संबंध समाप्त करने और भविष्य में किसी भी तरह का दावा न करने पर सहमति दी। कोर्ट ने समझौते को मंजूरी देते हुए प्रकरण का निपटारा कर दिया।
इस तरह चार साल से चला आ रहा विवाद अदालत में सहमति और समझदारी के साथ समाप्त हो गया।

आपको यह भी पसंद आ सकता है

Loading...

कोई टिप्पणी नहीं:

Blogger द्वारा संचालित.
RRDdailynews Logo
RRD Daily News Usually replies within an hour
Hello, how can we help you? ...
Send