फर्जी दस्तावेज से सरकारी नौकरी: बीज निगम के अफसर ले चुके 1.55 करोड़ सैलरी; बोले- खबर मत करो, बताओ करना क्या है?
भोपाल | मध्य प्रदेश राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम में पिछले 23 वर्षों से पदस्थ एक अधिकारी पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने का गंभीर आरोप लगा है। जांच में सामने आया है कि प्रोडक्शन मैनेजर के पद पर कार्यरत लाल सिंह ने कथित तौर पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति पाई। इस दौरान वे अब तक करीब 1 करोड़ 55 लाख रुपए वेतन के रूप में प्राप्त कर चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के झांसी निवासी लाल सिंह ने मध्य प्रदेश का निवासी दर्शाते हुए दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। आरोप है कि नियुक्ति के समय लगाए गए प्रमाण पत्रों की सत्यता की ठीक से जांच नहीं की गई। वर्षों तक सेवा देने के बाद अब दस्तावेजों की पड़ताल में कई विसंगतियां सामने आई हैं, जिससे पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है।
भास्कर की टीम ने जब इस मामले में लाल सिंह से संपर्क किया, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने
के बजाय कथित तौर पर कहा, “खबर मत करो, बताओ करना क्या है?” इस बयान के सामने आने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं, तो न सिर्फ सेवा समाप्ति बल्कि वेतन वसूली और आपराधिक मामला भी दर्ज किया जा सकता है।
के बजाय कथित तौर पर कहा, “खबर मत करो, बताओ करना क्या है?” इस बयान के सामने आने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं, तो न सिर्फ सेवा समाप्ति बल्कि वेतन वसूली और आपराधिक मामला भी दर्ज किया जा सकता है।
निगम के उच्च अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच प्रारंभ कर दी गई है और संबंधित दस्तावेजों को सत्यापन के लिए भेजा गया है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह न केवल विभागीय लापरवाही का मामला होगा, बल्कि सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े करेगा। फिलहाल पूरे प्रकरण की जांच जारी है और प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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