कुरावर। भोपाल एवं इंदौर में नल-जल योजना के अंतर्गत पानी की अशुद्धता की शिकायतों को लेकर नगर परिषद प्रशासन अलर्ट नजर आया। इसी क्रम में नगर परिषद सीएमओ लीलाधर सेन एवं नायब तहसीलदार सुनीता सिंह ने कालापीपल रोड, कुरावर स्थित फिल्टर प्लांट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जल स्रोत, जल भंडारण एवं वॉटर टैंक की गहन जांच की गई।
चैनसिंह सागर बांध परियोजना, नरसिंहगढ़ से पाइपलाइन के माध्यम से कुरावर फिल्टर प्लांट पर कच्चा पानी पहुंचता है। अधिकारियों ने नगर के सभी 15 वार्डों में जल स्रोतों का निरीक्षण कर सैंपल लिए। कलेक्टर की गाइडलाइन के अनुसार सभी वार्डों में कैंप लगाकर पानी की शुद्धता की जांच कराई गई। इसके साथ ही नगर के निजी जल स्रोतों की भी जांच कराई गई।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने रियान वाटर टैंक के सीनियर इंजीनियर एवं मेंटेनेंस इंचार्ज से चर्चा की। इंजीनियर ने बताया कि पानी को शुद्ध करने के लिए फिटकरी, ब्लीचिंग पाउडर, क्लोरीन एवं चुने जैसी रासायनिक सामग्रियों का निर्धारित मात्रा में उपयोग किया जाता है। बांध से आने वाले कच्चे पानी में टीडीएस की मात्रा अधिक होती है, जिसे फ्लोक्यूलेशन एवं फिल्ट्रेशन प्रक्रिया के माध्यम से शुद्ध कर पीने योग्य बनाया जाता है।
अधिकारियों द्वारा की गई जांच में यह पाया गया कि नगर के सभी 15 वार्डों में नल के माध्यम से सप्लाई किया जा रहा पानी पूरी तरह शुद्ध एवं पीने योग्य है। जहां-जहां वार्डों में जांच कैंप लगाए गए हैं, वहां पानी की शुद्धता जांचने के लिए विशेष टीम तैनात है।
सीएमओ लीलाधर सेन एवं नायब तहसीलदार सुनीता सिंह ने नागरिकों से अपील की कि यदि किसी को संदेह हो तो वे अपने-अपने नल स्रोतों से पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए प्रस्तुत कर सकते हैं। नगर परिषद द्वारा स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए निरंतर निगरानी की जा रही है।
रिपोर्टर: प्रेमदास वैष्णव,नरसिंहगढ़ (कुरावर)
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