नरसिंहगढ़ खंड के सोनकच्छ मंडल में 4 जनवरी को आयोजित भव्य हिंदू सम्मेलन घने कोहरे के बावजूद अपार जनसैलाब की सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन में क्षेत्र के हजारों नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर वक्ताओं के विचार सुने और कार्यक्रम को सफल बनाया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं गौ-पूजन के साथ किया गया। इसके पश्चात मंचासीन अतिथियों का परिचय एवं सम्मान किया गया।
सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश संगठन मंत्री निरंजन (भोपाल), दुर्गा वाहिनी की प्रदेश सह-संयोजिका आकांक्षा दुबे तथा पं. दिनेश मुद्गल उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता निरंजन ने अपने संबोधन में कहा कि आज की जीवनशैली में लोगों को मोबाइल से समय निकालकर परिवार के साथ समय बिताने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज में संस्कारों की स्थापना में मातृशक्ति की भूमिका सर्वोपरि है, इसलिए महिलाओं को समाज परिवर्तन के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग, पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए सभी उपस्थित जनों को एक पेड़ लगाने का संकल्प भी दिलाया। साथ ही उन्होंने कहा कि हिंदू समाज का संगठित होना आवश्यक है, जिससे देश में बांग्लादेश जैसे हालात उत्पन्न न हों।
आकांक्षा दुबे ने अपने संबोधन में सामाजिक समरसता पर बल देते हुए रामायण का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का संदेश दिया, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
कार्यक्रम का समापन भारत माता की आरती के साथ हुआ। इसके पश्चात समरसता सहभोज का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने एक साथ बैठकर भोजन कर सामाजिक एकता का परिचय दिया।
आयोजन समिति ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि हिंदू सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज में व्याप्त कुप्रथाओं को समाप्त करते हुए समरसता और सामाजिक एकता का भाव जागृत करना था। समिति ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले समस्त ग्रामवासियों एवं मंडल के सहयोगी कार्यकर्ताओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
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