रिपोर्ट्स के मुताबिक, आसिफ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए इजराइल पर गाजा, ईरान और लेबनान में हिंसा और नरसंहार जैसे गंभीर आरोप लगाए। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई है और कई देशों में इस पर प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता से पहले ही इस तरह के बयानों ने क्षेत्रीय माहौल को और संवेदनशील बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बयानबाजी कूटनीतिक प्रयासों को प्रभावित कर सकती है और क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा सकती है।
मध्य पूर्व में पहले से ही इजराइल-गाजा संघर्ष, ईरान के साथ तनाव और लेबनान की स्थिति को लेकर हालात नाजुक बने हुए हैं। ऐसे में पाकिस्तान के इस बयान ने इजराइल और पाकिस्तान के बीच संबंधों को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है, भले ही दोनों देशों के बीच औपचारिक कूटनीतिक संबंध नहीं हैं।
संवाददाता रुचिका धोटे, भोपाल

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