मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिए कि कृषि लोक उत्सव का आयोजन व्यापक स्तर पर किया जाए, जिससे प्रदेश के अधिक से अधिक किसान इससे लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि यह उत्सव किसानों के लिए नई तकनीकों, उन्नत बीज, आधुनिक कृषि उपकरणों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने आयोजन की रूपरेखा, संभावित कार्यक्रमों और व्यवस्थाओं की जानकारी प्रस्तुत की। इसमें कृषि प्रदर्शनी, प्रशिक्षण सत्र, विशेषज्ञों के व्याख्यान और किसानों के साथ संवाद कार्यक्रम शामिल करने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कार्यक्रम को जिला और ब्लॉक स्तर तक विस्तार दिया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के किसान भी इसमें सक्रिय रूप से भाग ले सकें।
समत्व भवन में आयोजित इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि उत्सव के दौरान किसानों को नवीन तकनीकों से जोड़ने के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही, कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आयोजन में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं। उन्होंने यह भी जोर दिया कि किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से इस उत्सव को प्रभावी बनाया जाए।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि कृषि लोक उत्सव 2026 को सफल और जनहितकारी बनाया जा सके।
संवाददाता रुचिका धोटे, भोपाल

कोई टिप्पणी नहीं: