"बोड़ा थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह राजपूत"
बोडा/राजगढ़, 27 अप्रैल 2026।
जिले में महिला सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बोडा पुलिस ने सराहनीय कार्य करते हुए एक मानसिक रूप से कमजोर युवती का सुरक्षित रेस्क्यू कर महज दो घंटे के भीतर उसे उसके परिजनों से मिला दिया। यह कार्रवाई पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण बनी है।
जानकारी के अनुसार बोडा-नरसिंहगढ़ रोड स्थित ग्राम मंडावर के पास एक 20-22 वर्षीय युवती के अकेले घूमने और वाहनों से अनभिज्ञ होने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उनि देवेन्द्र सिंह राजपूत ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर युवती को सुरक्षित संरक्षण में लिया।
पूछताछ के दौरान युवती अपना नाम-पता बताने में असमर्थ रही, जिससे वह मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हुई। महिला आरक्षक की सहायता से उसे थाना लाया गया और उसकी पहचान के लिए सोशल मीडिया व पुलिस ग्रुप्स में फोटो साझा किया गया।
पुलिस की तत्परता का परिणाम यह रहा कि महज दो घंटे के भीतर युवती के परिजन थाना बोडा पहुंच गए। परिजनों ने बताया कि युवती पिछले 2-3 वर्षों से मानसिक रूप से अस्वस्थ है और उसका उपचार भोपाल में चल रहा है। आवश्यक सत्यापन के बाद युवती को सुरक्षित रूप से परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
इस संवेदनशील कार्रवाई से परिजनों ने पुलिस का आभार जताया। पूरी कार्यवाही में थाना प्रभारी देवेन्द्र सिंह राजपूत, उप निरीक्षक रामेश्वर शर्मा, प्रधान आरक्षक रामनारायण जटिया, आरक्षक कपिल अटारिया, दुष्यंत एवं महिला आरक्षक पूजा का विशेष योगदान रहा।
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