नारी शक्ति वंदन बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस का वॉकआउट, महिलाओं के अधिकारों पर उठाए तीखे सवाल
मध्यप्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन’ बिल पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर महिलाओं के मुद्दों को लेकर कथनी और करनी में अंतर का आरोप लगाया। उनके नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल ने महिलाओं को तत्काल 33 प्रतिशत आरक्षण देने के अशासकीय संकल्प को अस्वीकार किए जाने के विरोध में सदन से वॉकआउट किया।
चर्चा के दौरान सिंघार ने सरकार से महिला आरक्षण पर स्पष्ट स्थिति बताने की मांग करते हुए कहा कि जब महिलाओं की आबादी लगभग आधी है, तो उन्हें 50 प्रतिशत आरक्षण देने पर विचार क्यों नहीं किया जा रहा। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि महिला आरक्षण कब लागू होगा और परिसीमन की प्रक्रिया कब पूरी होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 2029 और 2047 की बात करती है, लेकिन वर्तमान में महिलाओं के अधिकारों पर मौन है।
नेता प्रतिपक्ष ने सुझाव दिया कि सरकार सोशल मीडिया के माध्यम से ऑनलाइन सर्वे कराकर महिलाओं की राय ले, जिससे उनकी वास्तविक मांग सामने आ सके। उन्होंने उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि चुनावी वादे जमीनी स्तर पर पूरे नहीं हो रहे हैं और महिलाओं को गैस सिलेंडर जैसी मूलभूत सुविधाओं में भी परेशानी हो रही है।
सिंघार ने 2023 के महिला आरक्षण प्रावधान का हवाला देते हुए कहा कि जनगणना और परिसीमन के बाद इसे लागू करने की बात कही गई थी, जिसका कांग्रेस ने समर्थन किया था, लेकिन अब इसमें बदलाव की कोशिश क्यों की जा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार चाहे तो विशेष सत्र बुलाकर महिला आरक्षण तुरंत लागू कर सकती है और कांग्रेस इसका समर्थन करेगी।
सरकार पर “डबल इंजन” के नाम पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की स्थिति चिंताजनक है। हजारों बच्चियां लापता हैं, महिला आयोग के पद खाली हैं और खिलाड़ियों को वादे के अनुरूप सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मासूम बच्चों की मौत, भागीरथपुरा में पानी की समस्या से हुई मौतों, बेरोजगारी, अतिथि शिक्षकों और कर्मचारियों के मुद्दों पर कोई विशेष सत्र नहीं बुलाया गया, जबकि राजनीतिक एजेंडे के लिए सत्र आयोजित किया गया।
सिंघार ने कहा कि प्रदेश सरकार के 31 मंत्रियों में केवल पांच महिलाएं हैं, जो महिला सशक्तिकरण के दावों की हकीकत को दर्शाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार यह घोषणा करेगी कि मध्यप्रदेश की अगली मुख्यमंत्री महिला होगी। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी निशाना साधते हुए महिलाओं की भागीदारी को लेकर सवाल उठाए।
अंत में उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के लिए कांग्रेस पार्टी यह लड़ाई पूरी मजबूती से आगे बढ़ाती रहेगी।
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