घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और तत्काल बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बच्चा करीब 60 से 70 फीट की गहराई में फंसा हुआ है। बोरवेल का व्यास संकरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मौके पर NDRF और SDRF की संयुक्त टीम, स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल तैनात है। बचाव दल द्वारा बोरवेल में पाइप के माध्यम से लगातार ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है, ताकि बच्चे को सांस लेने में कोई परेशानी न हो। साथ ही, बच्चे की स्थिति पर नजर रखने के लिए कैमरा भी नीचे उतारा गया है।
रेस्क्यू टीम द्वारा बोरवेल के समानांतर एक गड्ढा खोदा जा रहा है, जिससे सुरक्षित तरीके से बच्चे तक पहुंचा जा सके। इसके लिए जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की मदद ली जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, बच्चे को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास जारी हैं।
बताया जा रहा है कि मासूम का परिवार मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला है और वर्तमान में क्षेत्र में अस्थायी रूप से रह रहा था। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खुले बोरवेल को तुरंत बंद कराएं, ताकि इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।
संवाददाता रुचिका धोटे, भोपाल

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