तेहरान में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनका देश पड़ोसी राष्ट्रों को निशाना नहीं बनाएगा और शांति स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की विदेश नीति आक्रमणकारी नहीं है, बल्कि सुरक्षा और सम्मान पर आधारित है। इस बयान के बाद से क्षेत्र में राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें ईरान की आगे की रणनीति पर हैं।
ईरानी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अगर उनके देश पर कोई हमला होता है, तो ईरान उसका जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी खतरे का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। यह वक्तव्य अमेरिका और इजराइल के साथ चल रहे तनाव के बीच आया है, जिससे क्षेत्रीय राजनीति में हलचल मच गई है।
ईरान के तेहरान में मेहराबाद एयरपोर्ट पर शुक्रवार देर रात हवाई हमला हुआ, जिसे ईरान ने अमेरिका और इजराइल की कार्रवाई बताया है। इस हमले के बाद राष्ट्रपति पेजेशकियन ने पिछले दिनों में किए गए कुछ हमलों के लिए माफी मांगी और कहा कि ये आत्मरक्षा में की गई थीं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे ईरान की सुरक्षा चिंताओं को समझें और तनाव कम करने में सहयोग करें।
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहा यह तनाव अब आठवें दिन में प्रवेश कर चुका है। ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि अब पड़ोसी देशों पर हमले नहीं किए जाएंगे, लेकिन अगर उनसे कोई अटैक होता है तो जवाब जरूर दिया जाएगा। इस बयान से क्षेत्र में शांति की उम्मीदें बढ़ी हैं, लेकिन जवाबी कार्रवाई की चेतावनी ने तनाव को और गहरा कर दिया है।
ईरान के इस बयान से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में मिश्रित प्रतिक्रियाएं आई हैं। कुछ देशों ने ईरान की शांति की अपील का समर्थन किया है, जबकि कुछ ने उसके जवाबी कार्रवाई के संकेत को चिंताजनक माना है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच का यह तनाव कैसे हल होगा और क्षेत्र में शांति की स्थापना कैसे होगी।
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