अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी अमेरिका के लिए नुकसान नहीं बल्कि कई मामलों में फायदेमंद साबित हो सकती है। ट्रंप का कहना है कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो इससे अमेरिका के घरेलू ऊर्जा उद्योग को मजबूती मिलती है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा उत्पादकों में से एक है और यहां बड़ी मात्रा में तेल और गैस का उत्पादन होता है। ऐसे में जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है तो अमेरिकी तेल कंपनियों को ज्यादा मुनाफा मिलता है। इससे नई नौकरियों के अवसर पैदा होते हैं और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश भी बढ़ता है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर तेल की कीमत बहुत ज्यादा गिर जाती है तो अमेरिकी कंपनियों के लिए उत्पादन जारी रखना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में मध्यम या थोड़ी अधिक कीमतें ऊर्जा उद्योग को स्थिर रखने में मदद करती हैं। ट्रंप के मुताबिक मजबूत ऊर्जा क्षेत्र अमेरिका की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाता है।
हालांकि, ट्रंप के इस बयान पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि तेल महंगा होने से आम लोगों पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है क्योंकि परिवहन और कई अन्य चीजों की लागत बढ़ जाती है। वहीं समर्थकों का कहना है कि इससे अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों को फायदा मिलेगा और देश की ऊर्जा स्वतंत्रता मजबूत होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें कई कारणों से प्रभावित होती हैं, जिनमें भू-राजनीतिक तनाव, उत्पादन में कमी-बढ़ोतरी और वैश्विक मांग शामिल है। ऐसे में ट्रंप का यह बयान ऊर्जा नीति और वैश्विक तेल बाजार को लेकर चल रही बहस को और तेज कर सकता है।
संवाददाता : रुचिका धोटे, भोपाल
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