इंदौर से एक बड़ी संगठनात्मक खबर सामने आई है, जहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने शताब्दी वर्ष के अवसर पर संगठनात्मक ढांचे में व्यापक बदलाव करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत मध्य प्रदेश में वर्तमान में संचालित मालवा, महाकौशल और मध्यभारत जैसे प्रांतों को समाप्त किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, इन प्रांतों की जगह अब 9 नए संभाग (डिवीजन) बनाए जाएंगे, ताकि संगठन की गतिविधियों को अधिक प्रभावी और सुचारू तरीके से संचालित किया जा सके। इस नई संरचना में प्रदेश स्तर पर एक प्रमुख प्रचारक नियुक्त किया जाएगा, वहीं प्रत्येक संभाग स्तर पर अलग-अलग प्रचारकों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बताया जा रहा है कि यह बदलाव संगठन के विस्तार, बेहतर समन्वय और जमीनी स्तर पर कार्य को मजबूत बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद कार्यकर्ताओं के बीच जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा होगा और स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया भी तेज होगी।
संघ के पदाधिकारियों का मानना है कि इस पुनर्गठन से संगठन की पकड़ और मजबूत होगी तथा विभिन्न क्षेत्रों में कार्यों का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सकेगा। यह बदलाव आने वाले समय में संघ की गतिविधियों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
संवाददाता: रुचिका धोटे

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