भारत को रूस से तेल खरीदने की छूट: ईरान युद्ध के कारण अमेरिका ने 3 अप्रैल तक रियायत दी, पेट्रोल-डीजल महंगा नहीं होगा
नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव और ईरान से जुड़े युद्ध जैसे हालात के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद फिलहाल देश में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का खतरा टल गया है। अमेरिका ने भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए अस्थायी छूट दे दी है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने भारतीय रिफाइनरी कंपनियों को 30 दिनों का विशेष लाइसेंस जारी किया है, जो 3 अप्रैल तक मान्य रहेगा।
दरअसल, मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है। हाल ही में ब्रेंट क्रूड की कीमत 83 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। ऐसे हालात में आशंका थी कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं। लेकिन अमेरिका की ओर से मिली इस अस्थायी छूट के बाद भारत रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीद सकेगा, जिससे घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी।
ऊर्जा विशेषज्ञों के मुताबिक रूस से मिलने वाला कच्चा तेल अन्य देशों की तुलना में सस्ता पड़ता है। यही वजह है कि भारत पिछले कुछ समय से बड़ी मात्रा में रूसी तेल खरीद रहा है। अगर यह छूट जारी रहती है तो भारतीय तेल कंपनियों को कच्चा तेल सस्ती दरों पर मिलता रहेगा और इसका सीधा फायदा आम उपभोक्ताओं को मिलेगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार इस फैसले से भारतीय रिफाइनरियों को कच्चे तेल की सप्लाई बनाए रखने में आसानी होगी। साथ ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी की संभावना भी कम हो जाएगी। हालांकि यह छूट फिलहाल सीमित अवधि के लिए है और 3 अप्रैल के बाद स्थिति क्या होगी, यह अमेरिका के अगले फैसले पर निर्भर करेगा।


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