ईरान का इजराइल-अमेरिका समेत अबतक 12 देशों पर हमला: अमेरिका ने 30 ईरानी जहाज डुबोए, ट्रंप बोले- जमीनी हमला नहीं करेंगे
मध्य-पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव अब और गहरा गया है। तीनों देशों के बीच चल रहे इस टकराव का शनिवार को सातवां दिन है। इस दौरान ईरान ने अब तक अमेरिका और इजराइल सहित करीब 12 देशों को निशाना बनाते हुए हमले किए हैं। इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं और कई देशों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा है।
अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के करीब 30 सैन्य और सप्लाई जहाजों को समुद्र में डुबो दिया है। इन जहाजों का इस्तेमाल कथित तौर पर हथियार और सैन्य सामग्री की आपूर्ति के लिए किया जा रहा था। अमेरिका ने इस कार्रवाई का वीडियो भी जारी किया है, जिसमें समुद्र में जहाज पर हमले के बाद बड़ा धमाका होता दिखाई दे रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने अब तक अमेरिका और इजराइल के अलावा यूएई, कतर, बहरीन, जॉर्डन, इराक, कुवैत, ओमान और सऊदी अरब समेत कई देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और कई जगहों पर एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं।
इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान देते हुए कहा कि अमेरिका इस संघर्ष में जमीनी हमला करने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने सहयोगियों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा, लेकिन फिलहाल जमीनी स्तर पर युद्ध शुरू करने की योजना नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह टकराव इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर पूरे मध्य-पूर्व और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। वहीं संयुक्त राष्ट्र और कई बड़े देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।

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