26 नवम्बर को पूरे प्रदेश में किसान करेंगे प्रदर्शन
भोपाल।
संयुक्त किसान मोर्चा, मध्यप्रदेश ने मुख्यमंत्री द्वारा धान और गेहूं की खरीदी बंद कराकर उसे एफसीआई से कराने के लिए केंद्र सरकार को भेजे गए पत्र पर आपत्ति जताई है। मोर्चे ने मांग की है कि मुख्यमंत्री तुरंत यह पत्र वापस लें और प्रदेश के किसानों के हितों की रक्षा करें।
मोर्चे ने कहा कि मुख्यमंत्री को किसानों से दुश्मनी निकालना बंद कर देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने स्मार्ट मीटर योजना को पूर्णतः रद्द करने, सोयाबीन व मक्का सहित सभी फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सुनिश्चित करने तथा अतिवृष्टि से हुई फसल हानि का मुआवजा जल्द देने की मांग रखी।
संयुक्त किसान मोर्चा ने 26 नवम्बर को पूरे प्रदेश में व्यापक किसान प्रदर्शनों का आह्वान किया है। यह आंदोलन ऐतिहासिक किसान आंदोलन की पांचवीं वर्षगांठ पर आयोजित किया जाएगा।
भोपाल में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिले और तहसील स्तर पर आंदोलन की तैयारी की जाएगी तथा जिम्मेदारियों का विभाजन भी किया गया।
बैठक में बीकेयू (महाशक्ति) के प्रदेश अध्यक्ष राम जगदीश दांगी की अध्यक्षता में, बादल सरोज, प्रहलाद वैरागी, मनीष श्रीवास्तव, इरफान जाफरी, पी. एन. वर्मा और अशोक पाटीदार सहित विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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