अफवाह बनी हिंसा की वजह: इंदौर में लेखिका को बच्चा चोर समझकर पीटा, ‘तीन तलाक’ पर रिसर्च करने आई महिला पर हमला, डेढ़ महीने बाद भी कार्रवाई नहीं
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां कर्नाटक की एक महिला लेखिका को बच्चा चोर समझकर भीड़ ने बेरहमी से पीट दिया। जानकारी के अनुसार, यह घटना करीब डेढ़ महीने पहले की है, जब लेखिका ‘तीन तलाक’ विषय पर पुस्तक लिखने के सिलसिले में इंदौर आई थीं।
बताया जा रहा है कि लेखिका इलाके में लोगों से बातचीत और जानकारी जुटा रही थीं। इसी दौरान कुछ लोगों को उन पर शक हुआ और अफवाह फैल गई कि वह बच्चा चोर हैं। देखते ही देखते भीड़ इकट्ठा हो गई और बिना सच्चाई जाने महिला के साथ मारपीट शुरू कर दी गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें भीड़ महिला को घेरकर पीटती नजर आ रही है।
मारपीट के बाद पीड़िता किसी तरह वहां से बचकर निकली और अपने राज्य कर्नाटक लौट गई। इसके बाद से वह लगातार पुलिस से न्याय की गुहार लगा रही है। हालांकि, हैरानी की बात यह है कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी अब तक इस मामले में FIR दर्ज नहीं की गई है।
इस घटना ने कानून-व्यवस्था और भीड़तंत्र पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अफवाहों के आधार पर इस तरह की हिंसा बेहद खतरनाक है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल, पीड़िता को न्याय मिलने का इंतजार है और प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
संवाददाता रुचिका धोटे, भोपाल

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