मध्य प्रदेश में ओलों की सफेद चादर: बैतूल, सीहोर समेत कई जिलों में बारिश से फसलों को भारी नुकसान, बदला मौसम बना आफत: 45 जिलों में अलर्ट, सिवनी और रीवा में बिजली गिरने से 4 की मौत
मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है, जिससे कई जिलों में कश्मीर जैसा नजारा देखने को मिला। शनिवार शाम बैतूल, सीहोर और ग्वालियर सहित कई इलाकों में तेज आंधी के साथ भारी ओलावृष्टि हुई। ओले इतनी मात्रा में गिरे कि सड़कों और खेतों पर सफेद चादर बिछ गई, जिससे ठंड जैसे हालात बन गए।
ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। गेहूं, चना और सरसों की फसलें बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। कई ग्रामीण इलाकों में पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की भी खबरें सामने आई हैं।
मौसम विभाग ने प्रदेश के करीब 45 जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। इसी बीच सिवनी और रीवा में आकाशीय बिजली गिरने से 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिससे इलाके में शोक का माहौल है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी सिस्टम की वजह से यह बदलाव देखने को मिल रहा है। आने वाले 24 से 48 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं जारी रह सकती हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों में सुरक्षित रहें, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें, और किसान अपनी बची हुई फसलों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
संवाददाता रुचिका धोटे, भोपाल

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