ईरान-इजराइल की लड़ाई में सड़ रहा एमपी का केला: निर्यात ठप; रमजान में मांग बढ़ती थी लेकिन इस बार दाम आधे, चावल पर भी संकट
आम तौर पर रमजान के महीने में मध्यप्रदेश के केले की मांग खाड़ी देशों और ईरान जैसे देशों में काफी बढ़ जाती है। व्यापारी पहले से ही बड़ी मात्रा में केले की खरीद करते थे, जिससे किसानों को अच्छा दाम मिल जाता था। लेकिन इस बार युद्ध और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित होने की वजह से निर्यात बंद हो गया है। परिणामस्वरूप बाजार में केले की कीमतें आधी रह गई हैं और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि केले की फसल तैयार है लेकिन खरीददार नहीं मिल रहे हैं। मंडियों में भी मांग बहुत कम हो गई है। कई जगहों पर हालात ऐसे हैं कि किसान लागत भी नहीं निकाल पा रहे हैं और मजबूर होकर फसल को खेतों में ही छोड़ना पड़ रहा है, जिससे केले सड़ने लगे हैं।
व्यापारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य होने तक निर्यात में सुधार की उम्मीद कम है। इसका असर सिर्फ केले पर ही नहीं बल्कि अन्य कृषि उत्पादों पर भी पड़ सकता है। चावल के निर्यात पर भी संकट के संकेत मिल रहे हैं। अगर स्थिति लंबे समय तक ऐसी ही रही तो प्रदेश के किसानों को और ज्यादा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है
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