मालवा रत्न समारोह में पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग गूंजी
मंदसौर। प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर जर्नलिस्ट्स यूनियन ऑफ मध्य प्रदेश (JUMP) ने एक बार फिर सरकार के समक्ष सशक्त आवाज बुलंद की है। मंदसौर में आयोजित भव्य ‘राज्य स्तरीय मालवा रत्न अलंकरण समारोह’ में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण सक्सेना ने मुख्यमंत्री से प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. सक्सेना ने कहा कि सत्ता के शीर्ष पर बैठना आसान है, लेकिन उस शिखर की गरिमा तभी है जब समाज के सजग प्रहरियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि “शिखर सदैव रिक्त होता है, वहां तक वही आवाज पहुंचती है जिसमें दम होता है।”
डॉ. सक्सेना ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री ने अपने नेतृत्व में पूरा एक वर्ष कृषि आधारित योजनाओं और किसानों के हित में समर्पित किया। उन्होंने किसानों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए अनेक नवाचार किए।
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री ने विदेश यात्राएं कर प्रदेश में उद्योगों के नए आयाम स्थापित करने का भी प्रयास किया है। मध्य प्रदेश को निवेश और विकास के नए शिखर तक ले जाने के लिए मुख्यमंत्री लगातार नए-नए प्रयोग कर रहे हैं। प्रदेश के मुखिया होने के नाते उन्होंने जिस शिखर को चुना है, वहां से तमाम संभावनाओं को साकार करने का कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित वरिष्ठ पत्रकार एवं उज्जैन संभाग प्रेस क्लब अध्यक्ष नंदलाल यादव (मुख्यमंत्री मोहन यादव के बड़े भाई) से डॉ. सक्सेना ने बड़े ही भावपूर्ण शब्दों में आग्रह किया। उन्होंने कृष्ण और बलदेव का उदाहरण देते हुए मंच से कहा—
“अब कह दो बलदाऊ अपने कान्हा से कि वह प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करें।”
इस कथन पर समारोह में उपस्थित पत्रकारों एवं गणमान्य नागरिकों ने तालियों के साथ समर्थन जताया।
डॉ. सक्सेना ने प्रदेश में पत्रकारों पर हो रहे हमलों, उत्पीड़न और जबरन दर्ज किए जा रहे फर्जी मुकदमों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के प्रहरी हैं और यदि उन्हें डराकर दबाने का प्रयास होगा तो लोकतंत्र कमजोर होगा।
उन्होंने सरकार के समक्ष प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि पत्रकारों को निर्भीक होकर कार्य करने के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाए। साथ ही पुलिस द्वारा पत्रकारों को परेशान करने और झूठे प्रकरण दर्ज करने की घटनाओं पर तत्काल रोक लगाई जाए।
प्रदेश अध्यक्ष ने वरिष्ठ पत्रकारों को मिलने वाली सम्मान निधि (श्रद्धानिधि) की राशि बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान महंगाई के दौर में यह राशि अपर्याप्त है। उन्होंने जनसंपर्क विभाग में लंबित समितियों के गठन की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने की आवश्यकता भी जताई।
समारोह में मालवा क्षेत्र की उन विभूतियों को ‘मालवा रत्न’ सम्मान से नवाजा गया जिन्होंने समाज सेवा और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान दिया है। इसके साथ ही प्रदेशभर से आए जंप के कर्मठ पत्रकारों को भी उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में संगठन की संघर्ष यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया गया कि जर्नलिस्ट्स यूनियन ऑफ मध्य प्रदेश पिछले कई वर्षों से पत्रकारों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है। बीते वर्ष संगठन के बैनर तले हजारों पत्रकारों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर ऐतिहासिक धरना प्रदर्शन किया था, जिसके बाद केंद्र सरकार ने कुछ मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया था। अब संगठन का पूरा जोर मध्य प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करवाने पर केंद्रित है।
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