मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में टीबी (क्षय रोग) के खिलाफ एक बड़े जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 100 दिवसीय “टीबी मुक्त अभियान” के अंतर्गत जन जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह कार्यक्रम जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य टीबी जैसी गंभीर बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करना और इसके उन्मूलन की दिशा में ठोस कदम उठाना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि टीबी एक संक्रामक रोग है, लेकिन समय पर जांच और उचित इलाज से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी को लंबे समय तक खांसी, बुखार या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
यह जागरूकता रथ जिले के विभिन्न गांवों और कस्बों में जाकर लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार की जानकारी देगा। साथ ही, सरकार द्वारा चलाई जा रही मुफ्त जांच और दवा की सुविधा के बारे में भी लोगों को अवगत कराया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस 100 दिवसीय अभियान के दौरान घर-घर जाकर मरीजों की पहचान की जाएगी और उन्हें समय पर इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। अभियान का लक्ष्य बालाघाट जिले को टीबी मुक्त बनाना है।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य अधिकारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।
संवाददाता रुचिका धोटे, भोपाल
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