इस रिफाइनरी परियोजना को पिछले लगभग 13 सालों से विकसित किया जा रहा था और इसे क्षेत्र के सबसे बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स में गिना जाता है। खास बात यह है कि इस परियोजना का उद्घाटन अगले ही दिन प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा किया जाना प्रस्तावित था, लेकिन उससे पहले ही यह बड़ा हादसा हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद प्लांट में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों को तुरंत बाहर निकाला गया और स्थानीय प्रशासन के साथ दमकल की कई गाड़ियाँ मौके पर पहुंचीं। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन आर्थिक नुकसान काफी बड़ा बताया जा रहा है।
इस घटना ने आधुनिक तकनीक और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि इतने बड़े और हाई-टेक प्रोजेक्ट में आग लगना गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी इसकी वजह हो सकती है, हालांकि असली कारणों का पता जांच के बाद ही चलेगा।
फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
संवाददाता रुचिका धोटे, भोपाल
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