कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघिन टी-141 की मौत, तीन शावकों के बाद टूटा पूरा परिवार , भूख या फेफड़ों के संक्रमण से मौत? 40 करोड़ की संरक्षण व्यवस्था पर उठे सवाल

मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां 21 से 26 अप्रैल के बीच तीन शावकों की मौत के बाद उनकी मां बाघिन टी-141 ने भी दम तोड़ दिया। इस घटना ने न केवल वन्यजीव प्रेमियों को झकझोर दिया है, बल्कि टाइगर संरक्षण व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, पहले तीनों शावकों की मौत हुई थी। इसके बाद बाघिन को एन्क्लोजर में रखकर निगरानी की जा रही थी, लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः बुधवार को उसकी भी मौत हो गई।
वन विभाग की प्रारंभिक जांच में बाघिन की मौत का कारण भूख बताया गया था, लेकिन बाद में विशेषज्ञों ने फेफड़ों में संक्रमण (लंग इंफेक्शन) की आशंका जताई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
इस पूरी घटना ने टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की देखभाल और मॉनिटरिंग सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि इस रिजर्व में करोड़ों रुपये खर्च कर संरक्षण व्यवस्था तैयार की गई है, इसके बावजूद एक ही परिवार के चार बाघों की मौत चिंता का विषय बन गई है।
वन विभाग के अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नई रणनीति बनाने की बात भी कही जा रही है।
यह घटना न केवल कान्हा बल्कि पूरे देश में वन्यजीव संरक्षण के लिए एक गंभीर चेतावनी मानी जा रही है।

संवाददाता रुचिका धोटे, भोपाल

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