प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में पश्चिम एशिया के गंभीर संकट पर चिंता जताई, 3.75 लाख भारतीयों को खतरनाक हालात से सुरक्षित निकालकर भारत लाया गया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में पश्चिम एशिया के बढ़ते संकट पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस समय वहाँ के हालात बेहद चिंताजनक हैं और दुनिया भर में इसका असर देखा जा रहा है। मोदी ने बताया कि इस संकट ने अंतरराष्ट्रीय स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
मोदी के अनुसार, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने लोगों के जीवन को विपरीत दिशा में मोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि तीन हफ्तों से ज्यादा समय से यह संकट जारी है और इसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। सरकार ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कदम उठाने का फैसला किया।
प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि इस संकट के कारण 3.75 लाख भारतीय नागरिक उन देशों में फंस गए थे, जहाँ हालात खतरनाक हो गए थे। सरकार ने ऑपरेशन चलाकर इन सभी नागरिकों को सुरक्षित निकालकर भारत वापस लाने का काम किया। यह अभियान पूरी तरह से सफल रहा और सभी भारतीय सुरक्षित लौटे।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी लोकसभा में इस मुद्दे पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने संकटग्रस्त क्षेत्रों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा और वापसी के लिए विशेष योजनाएं बनाईं। इस दौरान भारतीय दूतावासों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और नागरिकों की मदद की।
मोदी ने कहा कि सरकार भविष्य में भी ऐसे संकटों से निपटने के लिए तैयार रहेगी और भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता देगी। उन्होंने संसद में आश्वासन दिया कि सरकार हर संभव प्रयास करेगी ताकि देश के नागरिक सुरक्षित और स्वस्थ रहें। इस संकट ने सरकार की जिम्मेदारी और भी बढ़ा दी है।

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