नई दिल्ली, 24 मार्च 2026। केंद्र सरकार ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले 33% महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। यह कदम नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत उठाया जा रहा है, जिसे 20 सितंबर 2023 को संसद से पारित किया गया था।
इस योजना के लागू होने के बाद लोकसभा की कुल सीटों की संख्या बढ़कर लगभग 816 होने का अनुमान है। इसके साथ ही महिला सांसदों की संख्या भी बढ़कर करीब 273 तक पहुंच सकती है, जो अब तक का सबसे बड़ा प्रतिनिधित्व होगा।
सूत्रों के अनुसार, सरकार इस आरक्षण को लागू करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया—जैसे जनगणना और परिसीमन (delimitation)—को तेज करने पर काम कर रही है। इसके लिए संसद के मौजूदा सत्र में दो महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए जा सकते हैं, जिससे 2029 के आम चुनाव से पहले इस व्यवस्था को लागू किया जा सके।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पहले भी इस कानून को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया था। उनका कहना है कि इससे संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और नीतियों में उनकी भूमिका और मजबूत होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला भारतीय राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है, क्योंकि इससे महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक अवसर मिलेंगे और लोकतंत्र में संतुलन मजबूत होगा।
संवाददाता रुचिका धोटे, भोपाल

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